वरिष्ठ पत्रकार और डॉ. मनमोहन सिंह (अब दिवंगत) के प्रधानमंत्री पद पर रहने के दौरान उनके मीडिया सलाहकार रहे पंकज पचौरी से पिछले दिनों समाचार4मीडिया ने खास मुलाकात की और तमाम अहम मुद्दों पर बातचीत की।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार, GoNews India के फाउंडर और डॉ. मनमोहन सिंह (अब दिवंगत) के प्रधानमंत्री पद पर रहने के दौरान उनके मीडिया सलाहकार रहे पंकज पचौरी से पिछले दिनों समाचार4मीडिया ने खास मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मीडिया से जुड़े तमाम प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। इस दौरान पंकज पचौरी ने डॉ. मनमोहन सिंह के साथ अपने संबंधों पर भी विस्तार से बातचीत की और बताया कि कैसे उनका संबंध औपचारिकताओं से परे थे।
‘HT Media’ ने फिलहाल टाला चेन्नई में Fever FM बंद करने का फैसला
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘एचटी मीडिया लिमिटेड’ (HT Media Limited ने चेन्नई में अपने एफएम रेडियो स्टेशन Fever FM को बंद करने का अपना पहले लिया गया फैसला फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह जानकारी कंपनी ने 24 दिसंबर 2025 को शेयर बाजारों में फाइलिंग के जरिये दी।
कंपनी ने ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज’ (BSE) और ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज’ (NSE) को बताया कि पहले 24 दिसंबर से इस स्टेशन को बंद करने का प्लान था, लेकिन अब इसे अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया गया है।
‘एचटी मीडिया’ की सहायक कंपनी ‘HT Music and Entertainment Company Limited’ (HTME) ने पहले लाइसेंस को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को वापस करने की प्रक्रिया शुरू की थी। यह कदम और बंद करने की योजना 25 नवंबर 2025 को शेयर बाजारों में सूचित की गई थी।
हालांकि, अब की फाइलिंग में स्पष्ट किया गया है कि लाइसेंस सरेंडर की जानकारी पहले दी जा चुकी थी, लेकिन रेडियो स्टेशन को बंद करने का निर्णय अभी लागू नहीं किया जाएगा। कंपनी ने बंद करने की वजह या नई समयसीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।
बता दें कि ‘एचटी मीडिया’ देश में रेडियो, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म चलाती है, जिनमें Fever FM भी शामिल है।
जिस AI को कुछ साल पहले तक भविष्य की तकनीक माना जाता था, वह 2025 में मीडिया इंडस्ट्री की रोजमर्रा की प्रक्रिया में शामिल हो गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
साल 2025 भारतीय मीडिया के इतिहास में एक ऐसे मोड़ के रूप में दर्ज हुआ, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI केवल एक तकनीकी प्रयोग नहीं रहा, बल्कि न्यूजरूम, कंटेंट प्रोडक्शन और ऑडियंस एंगेजमेंट का सक्रिय हिस्सा बन गया। जिस AI को कुछ साल पहले तक भविष्य की तकनीक माना जाता था, वह 2025 में मीडिया इंडस्ट्री की रोजमर्रा की प्रक्रिया में शामिल हो गया। इसने काम को तेज, सस्ता और डेटा-आधारित बनाया, लेकिन साथ ही पत्रकारिता की विश्वसनीयता, रोजगार और नैतिकता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए।
2025 में अधिकांश बड़े मीडिया हाउसेज ने AI टूल्स को न्यूजरूम के अलग-अलग स्तरों पर अपनाया। हेडलाइन सजेशन, ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट, सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो सबटाइटल, ट्रांसलेशन और यहां तक कि शुरुआती ड्राफ्ट तैयार करने में AI का इस्तेमाल आम हो गया। इससे पत्रकारों का समय बचा और न्यूज साइकल पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गया।
जहां पहले एक खबर को तैयार करने, एडिट करने और पब्लिश करने में घंटों लगते थे, वहीं AI की मदद से यह प्रक्रिया मिनटों में पूरी होने लगी। डेटा जर्नलिज्म और ट्रेंड एनालिसिस में AI ने रिपोर्टर्स को यह समझने में मदद की कि किस खबर पर पाठकों की दिलचस्पी ज्यादा है और किस एंगल से स्टोरी पेश की जानी चाहिए।
AI की वजह से कंटेंट की मात्रा में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। 2025 में डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पहले से कहीं ज्यादा खबरें, वीडियो, रील्स और एक्सप्लेनर्स देखने को मिले। यह बदलाव दर्शकों के लिए विकल्पों की भरमार लेकर आया, लेकिन इसी के साथ कंटेंट की गुणवत्ता और गहराई पर सवाल भी उठे।
आलोचकों का मानना है कि AI-जनरेटेड या AI-असिस्टेड कंटेंट कई बार सतही होता है और उसमें जमीनी रिपोर्टिंग, मानवीय संवेदना और संदर्भ की कमी महसूस होती है। खासकर ब्रेकिंग न्यूज के दबाव में तथ्यात्मक गलतियों और आधी-अधूरी सूचनाओं के मामले भी सामने आए।
2025 में AI ने मीडिया के सामने एक नई चुनौती भी रखी—डीपफेक, सिंथेटिक वीडियो और फर्जी ऑडियो क्लिप्स। चुनावों और संवेदनशील राजनीतिक घटनाओं के दौरान AI-जनरेटेड फेक कंटेंट तेजी से वायरल हुआ, जिसने मीडिया की विश्वसनीयता को खतरे में डाला।
हालांकि इसी AI ने इस खतरे से लड़ने का रास्ता भी दिखाया। कई मीडिया संस्थानों ने AI-आधारित डीपफेक डिटेक्शन टूल्स अपनाए, जो वीडियो और ऑडियो की प्रामाणिकता जांचने में मदद करते हैं। फैक्ट-चेकिंग डेस्क पहले से ज्यादा टेक-सैवी हुई और गलत सूचनाओं को पकड़ने की गति भी बढ़ी।
AI के बढ़ते इस्तेमाल का सबसे बड़ा डर पत्रकारों की नौकरियों को लेकर रहा। 2025 में कई मीडिया संस्थानों ने कॉस्ट कटिंग के तहत सब-एडिटिंग, ट्रांसलेशन और कंटेंट रीपर्पजिंग जैसे कामों में AI का सहारा लिया, जिससे कुछ भूमिकाएं सीमित हुईं। लेकिन इसी के साथ नए रोल्स भी उभरे- AI एडिटर, डेटा जर्नलिस्ट, ऑडियंस एनालिस्ट और मीडिया ट्रेनर जैसे पदों की मांग बढ़ी। यह साफ हो गया कि AI पत्रकारों की जगह पूरी तरह नहीं ले रहा, बल्कि स्किल सेट बदल रहा है। जो पत्रकार तकनीक के साथ खुद को ढाल पाए, उनके लिए नए अवसर खुले।
2025 में मीडिया में AI के बढ़ते उपयोग ने नैतिकता से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े किए। क्या AI से लिखी खबरों को पाठकों को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए? क्या एल्गोरिदम तय करेगा कि कौन सी खबर ज्यादा महत्वपूर्ण है? और क्या इससे एजेंडा संचालित पत्रकारिता को बढ़ावा मिलेगा?
कई मामलों में यह देखा गया कि एल्गोरिदम ऑडियंस एंगेजमेंट के नाम पर सनसनीखेज या ध्रुवीकरण वाली खबरों को प्राथमिकता देने लगे। इससे पत्रकारिता के मूल सिद्धांत- सार्वजनिक हित, संतुलन और जिम्मेदारी पर बहस तेज हुई।
2026 की ओर बढ़ते हुए यह स्पष्ट है कि AI मीडिया से हटने वाला नहीं है, बल्कि और गहराई से इसमें शामिल होगा। आने वाले समय में AI केवल सपोर्ट टूल नहीं, बल्कि रणनीतिक निर्णयों का हिस्सा बनेगा। कंटेंट प्लानिंग, ऑडियंस प्रेडिक्शन और पर्सनलाइज्ड न्यूज फीड में AI की भूमिका और मजबूत होगी।
हालांकि 2026 में यह भी उम्मीद की जा रही है कि AI के इस्तेमाल को लेकर रेगुलेशन और गाइडलाइंस ज्यादा स्पष्ट होंगी। मीडिया संगठनों पर यह दबाव बढ़ेगा कि वे पारदर्शिता बनाए रखें और यह स्पष्ट करें कि कहां और कैसे AI का उपयोग किया गया है।
AI के बढ़ते प्रभाव के बीच एक बात साफ होती जा रही है- ग्राउंड रिपोर्टिंग, खोजी पत्रकारिता और मानवीय कहानियों का महत्व और बढ़ेगा। AI डेटा प्रोसेस कर सकता है, लेकिन समाज की जटिलताओं, भावनाओं और नैतिक सवालों को समझने की क्षमता अभी भी इंसान के पास ही है।
2026 में वही मीडिया संस्थान आगे रहेंगे, जो AI को प्रतिस्थापन नहीं बल्कि सहयोगी के रूप में अपनाएंगे। टेक्नोलॉजी और इंसानी विवेक के संतुलन से ही भरोसेमंद पत्रकारिता संभव होगी।
2025 में मीडिया में AI की एंट्री न तो पूरी तरह वरदान साबित हुई और न ही पूरी तरह अभिशाप। इसने जहां काम को आसान और तेज बनाया, वहीं पत्रकारिता की आत्मा को लेकर नई बहसें भी खड़ी कीं। 2026 में मीडिया का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि AI का इस्तेमाल किस उद्देश्य और किस जिम्मेदारी के साथ किया जाता है।
अगर AI को पारदर्शिता, नैतिकता और सार्वजनिक हित के साथ जोड़ा गया, तो यह मीडिया को ज्यादा मजबूत और प्रभावी बना सकता है। लेकिन अगर इसे केवल मुनाफे और गति का साधन बनाया गया, तो भरोसे की कीमत चुकानी पड़ सकती है। मीडिया के लिए असली चुनौती तकनीक नहीं, बल्कि उसके सही इस्तेमाल की है।
iTV नेटवर्क की डिजिटल इकाई iTV Digital Services Private Limited (IDSPL) ने वरिष्ठ पत्रकार संघमित्रा मजूमदार को अपने इंग्लिश डिजिटल वर्टिकल की न्यूज डायरेक्टर नियुक्त किया है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
iTV नेटवर्क की डिजिटल इकाई iTV Digital Services Private Limited (IDSPL) ने वरिष्ठ पत्रकार संघमित्रा मजूमदार को अपने इंग्लिश डिजिटल वर्टिकल की न्यूज डायरेक्टर नियुक्त किया है। इस भूमिका में वे नेटवर्क के अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित होने वाले वेबसाइट्स, वीडियो और सोशल प्लेटफॉर्म्स के लिए संपादकीय रणनीति, न्यूजरूम संचालन और ऑडियंस ग्रोथ की अगुवाई करेंगी।
संघमित्रा मजूमदार को डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में दो दशकों से भी अधिक का अनुभव है। ABP Live English की संपादक के रूप में काम करने से पहले वे The Indian Express, The Print और The Statesman जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में वरिष्ठ संपादकीय पदों पर रही हैं। उनकी पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2000 में हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ हुई थी।
अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर संघमित्रा मजूमदार ने कहा, “आज की डिजिटल पत्रकारिता सिर्फ तेजी नहीं, संदर्भ और समझ के साथ खबर देने की कला है। 25 साल के अनुभव ने मुझे सिखाया है कि चुनौती सिर्फ़ ख़बरें सबसे पहले देने की नहीं है, बल्कि उन्हें भरोसे, विश्वसनीयता और जुड़ाव के साथ पेश करने की है। इस नई भूमिका में मेरा लक्ष्य एक ऐसी न्यूजरूम संस्कृति बनाना होगा जो रफ्तार के साथ गहराई, तकनीक के साथ ईमानदारी और दर्शकों के लिए सचमुच जरूरी कहानियों को प्राथमिकता दे।”
iTV नेटवर्क के सीईओ अभय ओझा ने संघमित्रा की नियुक्ति पर कहा, “हम संघमित्रा मजूमदार का iTV नेटवर्क परिवार में स्वागत करते हुए बेहद उत्साहित हैं। उनकी संपादकीय सूझबूझ, न्यूज सेंस और शीर्ष राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स पर नेतृत्व का लंबा अनुभव हमारे डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में अहम भूमिका निभाएगा। उनका विजन और पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता हमारी अंग्रेजी डिजिटल पेशकशों को नई दिशा देगी। हमें विश्वास है कि उनके नेतृत्व में एक सशक्त और भरोसेमंद डिजिटल अध्याय की शुरुआत होगी।”
iTV नेटवर्क यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसकी डिजिटल खबरें न सिर्फ तेज हों, बल्कि भरोसेमंद और जनहित से जुड़ी भी हों और संघमित्रा मजूमदार की नियुक्ति उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
टेक्नोलॉजी कंपनी मेटा (Meta) ने भारत में अपने नए मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड के रूप में अरुण श्रीनिवास (Arun Srinivas) की नियुक्ति की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अरुण श्रीनिवास 1 जुलाई 2025 से अपनी नई भूमिका में कार्यभार संभालेंगे और संध्या देवनाथन को रिपोर्ट करते रहेंगे। इस नई जिम्मेदारी में वे मेटा के व्यवसाय, नवाचार और राजस्व प्राथमिकताओं को एक सूत्र में पिरोते हुए कंपनी के साझेदारों और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। साथ ही वे भारत में कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति को मजबूती देने के लिए अग्रणी ब्रांड्स, विज्ञापनदाताओं, डेवलपर्स और साझेदारों के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाएंगे।
श्रीनिवास वर्तमान में मेटा इंडिया में डायरेक्टर और हेड ऑफ ऐड्स बिज़नेस की भूमिका में हैं। वे 2020 में मेटा से जुड़े थे और तब से लेकर अब तक भारत के प्रमुख विज्ञापनदाताओं और एजेंसी पार्टनर्स के साथ कंपनी की रणनीतिक राजस्व प्राथमिकताओं—जैसे AI, रील्स और मैसेजिंग—पर काम कर चुके हैं।
करीब तीन दशक के अनुभव के साथ श्रीनिवास हिंदुस्तान यूनिलीवर, रीबॉक, ओला और वेस्टब्रिज कैपिटल जैसी कंपनियों में सीनियर नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुके हैं।
संध्या देवनाथन ने इस मौके पर कहा, “जैसे-जैसे भारत आर्थिक प्रगति और नवाचार का केंद्र बनता जा रहा है, हमें खुशी है कि अरुण हमारे प्रयासों का नेतृत्व करेंगे। भारत में AI अपनाने से लेकर वॉट्सऐप और रील्स में अग्रणी भूमिका निभाने तक, मेटा की दिशा को तय करने में अरुण का अनुभव, टीम निर्माण की उनकी क्षमता और साझेदारियों को मजबूत करने की समझ बेहद अहम होगी। हम मिलकर भारत में मेटा के विस्तार को और गति देंगे।”
हिन्दुस्तान टाइम्स ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन करते हुए समीर सिंह को अपना नया ग्रुप सीईओ नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 1 मार्च 2025 से प्रभावी होगी।2
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
हिन्दुस्तान टाइम्स ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन करते हुए समीर सिंह को अपना नया ग्रुप सीईओ नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 1 मार्च 2025 से प्रभावी होगी। समीर सिंह, प्रवीण सोमेश्वर की जगह लेंगे, जो वर्तमान में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं और इनका कार्यकाल 28 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है।
समीर सिंह मीडिया, ऐडवर्टाइजिंग और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर्स में वैश्विक और क्षेत्रीय भूमिकाओं में लीडरशिप का उत्कृष्ट अनुभव साथ लाए हैं। वह 30 वर्षों से अधिक समय से इस इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। हाल ही में, वह शॉर्ट वीडियो ऐप ‘टिकटॉक’ (TikTok) में नॉर्थ अमेरिका के ऐड सेल्स हेड के पद पर कार्यरत थे और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के हेड के रूप में भी प्रभावी भूमिका निभाई। 2019 में 'बाइटडांस' (ByteDance) में शामिल होकर, समीर सिंह ने प्रमुख बाजारों में टिकटॉक की विज्ञापन क्षमताओं को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।
बाइटडांस से पहले, सिंह GroupM साउथ एशिया के सीईओ के रूप में कार्यरत थे, जहां उन्होंने एजेंसी समूह के लिए ग्रोथ और इनोवशन को सफलतापूर्वक संचालित किया। इसके अलावा, गूगल में भी उनका कार्यकाल रहा, जहां उन्होंने भारत में एजेंसी पार्टरनशिप्स का नेतृत्व किया और अमेरिका के बाजारों में वैश्विक ग्राहकों के लिए डिजिटल रणनीतियों को संचालित किया।
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From FMCG giants to banks: Maha Kumbh 2025 becomes a Rs 2000-cr marketing mela.
— exchange4media group (@e4mtweets) January 13, 2025
Major players like @CocaCola, @PypAyurved , @Unilever , @DaburIndia , @airtelindia , @VodafoneUK , @ITCHotelsCares , @AmarUjalaNews , #Park+ and #IIFL have planned various campaigns for the festival.… pic.twitter.com/wMvJevdBEo
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को महाकुंभ मेला क्षेत्र में तैयारियों का जायजा लिया और साथ ही अत्याधुनिक डिजिटल मीडिया सेंटर का शुभारंभ किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
तीर्थराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ 2025 अध्यात्म और आधुनिकता का एक अद्भुत संगम बनने जा रहा है। यहां सनातन धर्म की पवित्र परंपराओं के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीकी प्रगति की झलक भी देखने को मिलेगी। दुनियाभर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र यह ऐतिहासिक आयोजन, भक्तों के अनुभव को और भी यादगार बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाकर एक नई दिशा तय कर रहा है। इस महाकाव्य आयोजन को कवर करने के लिए देश-विदेश के मीडिया संस्थान भी विशेष उत्साह के साथ तैयार हैं। लिहाजा इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को महाकुंभ मेला क्षेत्र में तैयारियों का जायजा लिया और साथ ही अत्याधुनिक डिजिटल मीडिया सेंटर का शुभारंभ किया।
इस मौके पर उन्होंने मीडिया सेंटर का अवलोकन करते हुए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह डिजिटल मीडिया सेंटर 45 दिन तक चलने वाले महाकुम्भ की महागाथा को पूरी दुनिया तक पहुंचाने का एक बेहतरीन माध्यम बनेगा।
मीडिया सेंटर को विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जहां महाकुम्भ से जुड़ी हर सूचना का संकलन और प्रसारण किया जाएगा। यह केंद्र न केवल श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि मीडिया कर्मियों के लिए भी बेहद उपयोगी होगा। यहां डबल इंजन की सरकार द्वारा महाकुम्भ में दी जा रही सुविधाओं, व्यवस्थाओं और सुरक्षा से जुड़ी हर जानकारी को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। यह सेंटर महाकुम्भ की सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
कवरेज के लिए विदेशी मीडिया की उत्सुकता:
दुनिया के 105 देशों से भी ज्यादा मीडिया समूहों ने महाकुंभ के कवरेज और लाइव टेलीकास्ट करने के लिए आवेदन किया है। यूरोपीय देशों के साथ-साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, खाड़ी देशों और अफ्रीका के राष्ट्र भी इसके लिए यहां पहुंच रहे हैं। महाकुंभ कवर करने आ रहे विदेशी मीडिया में इलेक्ट्रानिक, प्रिंट और डिजिटल के अलावा न्यूज एजेंसियां, न्यूज सिंडिकेट्स तथा तमाम मीडिया संस्थाएं सभी शामिल हैं।
हाईटेक कैमरों से दिखेगा महाकुम्भ का जीवंत दृश्य
डिजिटल मीडिया सेंटर में करोड़ों रुपये की लागत से हाई-रिजॉल्यूशन वाले अत्याधुनिक प्रोफेशनल कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए महाकुम्भ के हर पल को जीवंत रूप में प्रसारित किया जाएगा। दर्शक इन कैमरों की मदद से आयोजन का वास्तविक अनुभव ले सकेंगे। साथ ही, सेंटर में एक विशेष पॉडकास्ट रूम भी बनाया गया है, जहां विशेषज्ञ महाकुम्भ से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
बता दें कि देवेंद्र शर्मा इससे पहले करीब सवा तीन साल से Money9 (TV9 Network) में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, जहां से उन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में ही इस्तीफा दे दिया था।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र शर्मा ने नए साल पर ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala) समूह के साथ मीडिया में अपनी नई पारी का आगाज किया है। उन्होंने यहां पर जाने-माने आर्थिक पत्रकार अंशुमान तिवारी के नेतृत्व में ‘द बोनस’ (The Bonus) वर्टिकल में बतौर एसोसिएट एडिटर जॉइन किया है। अपनी नई पारी के बारे में देवेंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया पर खुद जानकारी शेयर की है।
बता दें कि देवेंद्र शर्मा इससे पहले करीब सवा तीन साल से Money9 (TV9 Network) में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, जहां से उन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में ही इस्तीफा दे दिया था।
मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले देवेंद्र शर्मा को मीडिया में काम करने का करीब 33 साल का अनुभव है। देवेंद्र शर्मा ‘लोकसभा टीवी’ और ‘आकाशवाणी’ समेत कई बड़े चैनल्स में डिबेट में शामिल होते रहे हैं।
पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने छह मार्च 1992 को ‘राष्ट्रीय सहारा’ से की थी। उन्होंने इस अखबार के पटना संस्करण की लॉन्चिंग में भी अहम भूमिका निभाई थी।
इस संस्थान के साथ उन्होंने करीब 30 साल लंबी पारी खेली और फिर यहां से बाय बोलकर करीब सवा तीन साल पहले ‘टीवी9 नेटवर्क’ जॉइन किया था और अब उन्होंने इस संस्थान को अलविदा कहकर ‘अमर उजाला’ समूह जॉइन किया है।
समाचार4मीडिया की ओर से देवेंद्र शर्मा को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
राजीव दुबे, जो देश के प्रमुख कंज्युमर गुड्स, हेल्थ व पर्सनल केयर ब्रैंड्स में से एक 'डाबर' में कई भूमिकाएं निभा रहे हैं। आज उनका जन्मदिन है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
राजीव दुबे, जो देश के प्रमुख कंज्युमर गुड्स, हेल्थ व पर्सनल केयर ब्रैंड्स में से एक 'डाबर' में कई भूमिकाएं निभा रहे हैं। इनमें वाइस प्रेजिडेंट, मीडिया हेड और ब्रैंड एक्टिवेशन हेड के रूप में दुबे ने FMCG दिग्गज के लिए मीडिया रणनीति बनाने और ब्रैंड की प्रतिष्ठा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाlते रहे हैं। आज राजीव दुबे का जन्मदिन है और इस मौके पर 'समाचार4मीडिया' डाबर के इस शीर्ष एग्जिक्यूटिव की प्रोफेशनल जर्नी पर एक नजर डालते हैं।
अपने वर्तमान पद पर दुबे विभिन्न प्लेटफॉर्म्स और चैनल्स जैसे टीवी, डिजिटल, प्रिंट, रेडियो, आउटडोर, कंज्यूमर और ट्रेड एक्टिवेशन के माध्यम से मीडिया खर्च का प्रबंधन करते हैं। वह कंपनी के विभिन्न ब्रैंड्स के लिए बेहतर ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) और वृद्धि प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
पिछले तीन दशकों से अधिक समय से, डाबर ने राजीव दुबे को विभिन्न भूमिकाओं के माध्यम से अपनी विशेषज्ञता और कौशल को निखारने का अवसर दिया है।
हाल ही में उन्हें डाबर इंडिया में वाइस प्रेजिडेंट के रूप में एक विस्तारित भूमिका सौंपी गई, जहां अब वह ब्रैंड एक्टिवेशन और अनुभवात्मक मार्केटिंग इनीशिएटिव्स का नेतृत्व कर रहे हैं।
राजीव दुबे ने 1994 में डाबर में मीडिया मैनेजर के तौर पर अपनी यात्रा शुरू की थी। उन्होंने डाबर की इन-हाउस एजेंसी 'एडबर' (Adbur) की स्थापना में मदद की और ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन, जी, स्टार नेटवर्क और टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख मीडिया ग्रुप्स के साथ सीधे संपर्क में रहे।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1992 में 'लोकमत' में ऐड सेल्स एग्जिक्यूटिव के रूप में की, जहां उन्होंने एक साल तक काम किया।
इसके बाद वह जी टेलीफिल्म्स में शामिल हुए, जहां उन्होंने कोलकाता रीजन में ऐड सेल्स का मैनेजमेंट लगभग एक साल तक किया।
राजीव दुबे को नई विचारधारा विकसित करने के लिए 'यूरिका अवॉर्ड' और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 'एम्प्लॉयी ऑफ द ईयर' अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
काम के बाहर, दुबे साइक्लिंग, मैराथन दौड़ने और सीढ़ियां चढ़ने का आनंद लेते हैं। वह फिटनेस के प्रति काफी उत्साही हैं।
‘बीबीसी स्टूडियोज’ के जनरल मैनेजर (India Productions) समीर गोगटे के इस्तीफे के बाद मैनेजमेंट ने अंतरिम तौर पर नई व्यवस्था की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘बीबीसी स्टूडियोज’ के जनरल मैनेजर (India Productions) समीर गोगटे के इस्तीफे के बाद मैनेजमेंट ने अंतरिम तौर पर नई व्यवस्था की है।
हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (e4m) के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संगठन ने भारत और दक्षिण एशिया में बिजनेस और लीगल अफेयर्स की प्रमुख दीपा नायर और फाइनेंस विभाग के प्रमुख सचिन महाजन को अस्थायी रूप से भारत में प्रोडक्शन टीम का नेतृत्व करने का जिम्मा सौंपा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गोगटे की जगह कौन और कब लेगा।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, चैनल्स और स्ट्रीमिंग तथा कंटेंट सेल्स बिजनेस के प्रमुख स्टैनली फर्नांडीस अपनी भूमिका में बने रहेंगे और बीबीसी स्टूडियोज इंडिया के साथ-साथ दक्षिण एशिया क्षेत्र में भी अपने कार्यों को जारी रखेंगे। बता दें कि इससे पहले ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ने खबर दी थी कि समीर गोगटे ने अपना इस्तीफा दे दिया है।
‘सोनी’ से पहले राजारमन डिज्नी स्टार में हेड (ऑफिस ऑफ कंट्री मैनेजर, इंडिया) के पद पर कार्यरत थे। जियोसिनेमा और डिज्नी स्टार के विलय के बाद उन्होंने वहां से अपनी पारी को विराम दे दिया था।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया’ (SPNI) ने राजारमन एस को अपना नया कंटेंट स्ट्रैटेजी हेड नियुक्त किया है। राजारमन एस ने अपनी एक लिंक्डइन पोस्ट में यह जानकारी खुद शेयर की है। अपनी नई भूमिका में राजारमन कंटेंट स्ट्रैटेजी पर फोकस करेंगे, इनोवेटिव प्रोग्रामिंग को बढ़ावा देंगे और विभिन्न प्लेटफार्म्स पर नेटवर्क के पोर्टफोलियो को मजबूत करेंगे।
‘सोनी’ से पहले राजारमन डिज्नी स्टार में हेड (ऑफिस ऑफ कंट्री मैनेजर, इंडिया) के पद पर कार्यरत थे। जियोसिनेमा और डिज्नी स्टार के विलय के बाद उन्होंने वहां से अपनी पारी को विराम दे दिया था।
डिज्नी स्टार से पहले राजारमन ‘वायकॉम18 मीडिया’ में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट और बिजनेस हेड (कलर्स तमिल) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
राजारमन इससे पहले एशियानेट, एशियानेट स्टार कम्युनिकेशंस, हैथवे केबल एंड डाटाकॉम, विजय टेलीविजन, स्टार नेटवर्क (साउथ) और एनडीटीवी इमेजिन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जनवरी 2001 में विजय टेलीविजन (अब स्टार विजय) में सीनियर मैनेजर (फाइनेंस) के रूप में की थी।