क्या तारिक रहमान बांग्लादेश में अमन ला पाएंगे: रजत शर्मा

बांग्लादेश के अलग अलग हिस्सों में कट्टरपंथियों का हंगामा जारी है। ढाका में कट्टरपंथियों मे उस्मान हादी के हत्यारों को गिरफ़्तार करने की मांग को लेकर फिर हंगामा किया।

Last Modified:
Tuesday, 30 December, 2025
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रजत शर्मा, इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।

बांग्लादेश में एक और हिन्दू नौजवान को कट्टरपंथियों ने पीट-पीटकर मार डाला। बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में 29 साल के अमृत मंडल को जिहादियों की भीड़ ने घेर कर बुरी तरह पीटा, उसे इतना मारा कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इससे पहले मैमनसिंह में दीपू चंद्र दास को सरेआम चौराहे पर जिंदा जला दिया गया था। अमृत मंडल के साथ ये हैवानियत उस वक्त हुई जब 17 साल बाद लंदन से बांग्लादेश लौटे खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने कट्टरपंथियों से कानून हाथ में ने लेने की अपील की, सर्वधर्म सम भाव, शान्ति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

तारिक रहमान के स्वागत में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के लाखों समर्थक ढाका पहुंचे थे। चूंकि पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में लगातार हिन्दुओं पर हमले हो रहे हैं, हिन्दुओं को डराया-धमकाया जा रहा था, इसलिए तारिक रहमान ने बांग्लादेश पहुंचते ही कहा कि वो सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं, बांग्लादेश में कट्टरपंथ नहीं, सभी धर्मों को बराबरी का दर्ज़ा देना चाहते हैं।

तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश को अगर तरक्की करनी है तो शान्ति और मेल-जोल जरूरी है। तारिक रहमान की ये बातें महत्वपूर्ण क्यों हैं क्योंकि खालिदा जिया के बेटे के बांग्लादेश आने से मोहम्मद युनूस परेशान हैं।

बांग्लादेश में 12 फरवरी को वोटिंग होनी है। पिछले साल शेख़ हसीना को देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था, वो भारत में हैं। कट्टरपंथियों के दबाव में आकर मोहम्मद युनूस ने हसीना की पार्टी अवामी लीग पर बैन लगा दिया। ख़ालिदा ज़िया अस्सी साल की हो गई हैं, बहुत ज्यादा बीमार हैं, बांग्लादेश में इस समय एक राजनीतिक शून्यता है। सारी जमातें सत्ता पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश में हैं। जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम और ख़ालिदा ज़िया की BNP ने गठबंधन किया है। ख़ालिदा के बेटे तारिक़ रहमान प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे।

तारिक़ रहमान भले ही कट्टरपंथियों से सदभाव की अपील कर रहे हों लेकिन बांग्लादेश के अलग अलग हिस्सों में कट्टरपंथियों का हंगामा जारी है। ढाका में कट्टरपंथियों मे उस्मान हादी के हत्यारों को गिरफ़्तार करने की मांग को लेकर फिर हंगामा किया। पुलिस ने उस्मान हादी के मर्डर केस में हिमोन रहमान सिकदार नाम के एक शख़्स को गिरफ़्तार करने का दावा किया लेकिन बाद में पता ये लगा कि हिमोन सिकदार का उस्मान हादी की हत्या से कोई सीधा ताल्लुक़ नहीं है। हिमोन उस आलमगीर शेख़ का क़रीबी है जो उस्मान हादी पर हमले के वक़्त मोटरसाइकिल चला रहा था।

अवामी लीग के नेताओं ने कहा कि पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है, हकीकत यही है कि हादी के क़त्ल के लिए चीफ़ एडवाइज़र मुहम्मद यूनुस ज़िम्मेदार हैं क्योंकि यूनुस ने सत्ता में आने के बाद जिन आतंकियों और अपराधियों को जेल से छोड़ा था, अब वही अपराधी युनूस के इशारे पर पूरे देश में दंगा कर रहे हैं।

बांग्लादेश में ढाका पुलिस ने अताउर रहमान नाम के आतंकवादी को गिरफ्तार किया। अताउर रहमान ही कट्टरपंथियों को बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या करने के लिए उकसा रहा था। उसकी प्लानिंग बांग्लादेश में बड़ी संख्या में हिन्दुओं की हत्या की थी।

अताउर रहमान मुफ़्ती हारुन अज़हर का चेला है और हारुन अजहर के रिश्ते पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से हैं। बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या परेशान करने वाली है। इस्लाम के नाम पर बेरहमी से हत्या करने वाले सच्चे मुसलमान नहीं हो सकते और कोई कर भी क्या सकता है?

बांग्लादेश में कट्टरपंथी हावी हैं। मोहम्मद यूनुस की सरकार उनसे मिली हुई है। 17 साल बाद ढाका लौटे तारिक रहमान ने बातें तो अच्छी की हैं, सबको साथ लेकर चलने की बात कही है लेकिन उनकी पार्टी का जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम के साथ गठबंधन है। BNP पहले जमात-ए-इस्लामी के साथ सरकार भी बना चुकी है। ऐसे में तारिक़ रहमान राजनीतिक यथार्थ के सामने अपनी बातों पर कितना टिक पाएंगे।

( यह लेखक के निजी विचार हैं )

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केबल इंडस्ट्री की TRAI से अपील, पे टीवी चैनल्स पर कंटेंट करें विज्ञापन-मुक्त

केबल इंडस्ट्री ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से अनुरोध किया है कि वह पे टीवी चैनल्स पर विज्ञापन-मुक्त प्रोग्रामिंग (ad-free programming) लागू करे।

Last Modified:
Thursday, 09 January, 2025
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केबल इंडस्ट्री ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से अनुरोध किया है कि वह पे टीवी चैनल्स पर विज्ञापन-मुक्त प्रोग्रामिंग (ad-free programming) लागू करे। इंडस्ट्री का तर्क है कि सर्विस का भुगतान करने के बावजूद ग्राहकों का 25% से 35% समय विज्ञापनों के कारण खराब होता है।

इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारतीय पे टीवी सब्सक्राइबर्स औसतन प्रत्येक लोकप्रिय चैनल के लिए प्रति माह ₹19 (करों के अतिरिक्त) तक भुगतान करते हैं। इसके बावजूद, उनके देखने के अनुभव पर अत्यधिक विज्ञापन हावी रहते हैं।

सूत्रों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट 'एक्सचेंज4मीडिया' को बताया, “दर्शकों को अक्सर प्रति घंटे 15-20 मिनट तक विज्ञापन देखने को मजबूर होना पड़ता है। इसका मतलब है कि तीन घंटे की फिल्म चार घंटे की हो जाती है। इससे दर्शक कुल समय का 25%-35% विज्ञापन देखने में व्यतीत करते हैं।”

सूत्रों ने कहा कि यह प्रथा केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7(11) का उल्लंघन करती है, जो प्रति घंटे 12 मिनट (10 मिनट व्यावसायिक विज्ञापनों और 2 मिनट चैनल के प्रचार) तक सीमित है। 

हालांकि, इस नियम को न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने 2013 में चुनौती दी थी, लेकिन मामला अभी भी दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है।

इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यदि यह समस्या जारी रही तो पे टीवी प्रासंगिकता खो सकता है, क्योंकि OTT प्लेटफॉर्म जैसे विज्ञापन-मुक्त कंटेंट प्रदान करने वाले विकल्प कस्टमर्स को छीन रहे हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पे टीवी चैनल्स पर विज्ञापन हटाने से दर्शकों की संतुष्टि बढ़ेगी, पे टीवी मॉडल में विश्वास बहाल होगा और OTT सेवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी।

इंडस्ट्री से जुड़े एक एक्सपर्ट ने कहा, “आज, दर्शक न केवल हाई क्वॉलिटी का कंटेंट चाहते हैं, बल्कि इसे बिना किसी बाधा के देखने की आजादी भी चाहते हैं। इस बदलती प्राथमिकता के साथ, पे टीवी को प्रासंगिक बने रहने के लिए अपने बिजनेस मॉडल का पुनर्मूल्यांकन और नए युग के मनोरंजन की मांगों के अनुसार खुद को ढालना होगा,” 

हाल ही में, OTT प्लेटफॉर्म्स ने विश्व स्तर पर विज्ञापन और कंटेंट के प्रति दर्शकों के रिश्ते को बदल दिया है। नेटफ्लिक्स और एमेजॉन प्राइम वीडियो जैसी सब्सक्रिप्शन सेवाओं ने विज्ञापन-मुक्त कंटेंट का चलन शुरू किया है।

“यहां तक कि यूट्यूब, जो मुख्य रूप से विज्ञापन-समर्थित मॉडल पर चलता है, अपने प्रीमियम सब्सक्राइबर्स को एक सब्सक्रिप्शन शुल्क के बदले विज्ञापन-मुक्त अनुभव प्रदान करता है। इन प्लेटफॉर्म्स का संचालन सिद्धांत यह है कि यदि उपभोक्ता कंटेंट के लिए भुगतान कर रहे हैं, तो उन्हें निर्बाध अनुभव मिलना चाहिए। यह मॉडल वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो गया है, जैसे कि अमेरिका, ब्रिटेन और जापान में OTT सेवाएं अब मानक बन चुकी हैं।

“भारत में, मोबाइल उपकरणों के माध्यम से इंटरनेट सेवाओं की गहरी पहुंच ने इन प्लेटफॉर्म्स को लाखों लोगों के लिए सुलभ बना दिया है। इससे उपभोक्ता खुद से सवाल करने लगे हैं कि जब मैं ऑनलाइन शोज मुफ्त (विज्ञापनों के साथ) या समान/कम सब्सक्रिप्शन लागत पर (बिना विज्ञापन) देख सकता हूं, तो केबल/डीटीएच ऑपरेटर्स को पैसे क्यों दूं?”

केबल इंडस्ट्री ने TRAI को सुझाव दिया कि पे टीवी चैनल्स को विज्ञापन-मुक्त बनाना न केवल दर्शकों को निर्बाध अनुभव प्रदान करेगा, बल्कि अधिक मूल्य भी देगा।

उन्होंने कहा, “दर्शकों की संतुष्टि बढ़ाने के अलावा, यह पे टीवी मॉडल में विश्वास बहाल करेगा। इसके अलावा, विज्ञापन-मुक्त पे टीवी चैनल OTT प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे और एंटरटेनमेंट मार्केट में अपनी खोई हुई जमीन वापस पा सकेंगे। यदि अभी भी कोई बदलाव नहीं किया गया तो पे टीवी सब्सक्राइबर्स डिजिटल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म्स पर और तेजी से शिफ्ट हो जाएंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पे टीवी चैनल अभी भी अपने कंटेंट का अत्यधिक विज्ञापनों के माध्यम से मुद्रीकरण कर रहे हैं, जो उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।

“यह दोहरे राजस्व मॉडल – यानी सब्सक्रिप्शन शुल्क और विज्ञापन से कमाई – न केवल उपभोक्ताओं के लिए अन्यायपूर्ण है, बल्कि शोषणकारी भी है। TRAI की हालिया टैरिफ विनियमनों में ब्रॉडकास्टर्स को मूल्य निर्धारण में स्वतंत्रता देने से स्थिति और खराब हो गई है। परिणामस्वरूप, 2018 में 180 मिलियन पे टीवी सब्सक्राइबर्स की संख्या घटकर 2024 में 120 मिलियन रह गई है।”

इंडस्ट्री के सूत्रों ने कहा कि अब भारतीय उपभोक्ता अपने मनोरंजन अनुभव में अधिक मूल्य, पारदर्शिता और नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।

“एमेजॉन प्राइम वीडियो, एमएक्स प्लेयर और यूट्यूब प्रीमियम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को ‘विज्ञापन-समर्थित मुफ्त सामग्री’ और ‘विज्ञापन-मुक्त भुगतान सामग्री’ के बीच विकल्प दे रहे हैं। साथ ही, जियो सिनेमा, एक्सस्ट्रीम प्ले और डिस्कवरी+ जैसे प्लेटफॉर्म कुछ कंटेंट मुफ्त में और अतिरिक्त कंटेंट सब्सक्रिप्शन के माध्यम से उपलब्ध करा रहे हैं।

केबल ऑपरेटर्स ने कहा, "इसलिए, जब भारतीय उपभोक्ता प्रति चैनल ₹19 प्रति माह (करों के अतिरिक्त) का भुगतान करते हैं, तो वे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोग्रामिंग की उम्मीद करते हैं, जिसमें विज्ञापनों का हस्तक्षेप न हो। हालांकि, वर्तमान स्वरूप में, पे टीवी इस मानक को पूरा करने में असमर्थ है।"

उपभोक्ता-हितैषी दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए, नियामकों को पे टीवी चैनलों से विज्ञापनों को हटाने के लिए कड़े कदम उठाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम भारतीय प्रसारण प्रथाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएगा, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करेगा और सभी कंटेंट प्रोवाइडर्स के लिए समान अवसर का निर्माण करेगा।

"भारतीय पे टीवी इंडस्ट्री एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। नियामक निगरानी को आधुनिक दर्शकों की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित हो कि पे टीवी डिजिटल कंटेंट के युग में प्रासंगिक और प्रतिस्पर्धी बना रहे। यह तभी संभव है जब भुगतान करने वाले सब्सक्राइबर्स के लिए विज्ञापनों को हटाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विज्ञापन का राजस्व केवल फ्री टू एयर (FTA) चैनलों के माध्यम से अर्जित हो।

उन्होंने कहा, "इस उपभोक्ता-केंद्रित ढांचे को अपनाने से न केवल पे टीवी इंडस्ट्री अपनी प्रासंगिकता वापस पा सकेगा, बल्कि बदलते मनोरंजन परिदृश्य में फल-फूल भी सकेगा।"

वैसे बता दें कि ब्रॉडकास्टर्स और केबल ऑपरेटर्स के बीच चैनल की कीमतों को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। हाल ही में, ब्रॉडकास्टर्स ने संशोधित रिफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर्स (RIOs) जारी किए हैं, जो मूल्य निर्धारण में मिले-जुले रुझान दर्शाते हैं।

जियोस्टार (JioStar) ने सबसे अधिक बुके की कीमतें पेश कीं, जिसमें 18% की बढ़ोतरी हुई। इसका स्टार वैल्यू पैक (SVP) हिंदी और हिंदी बेसिक SD पैक अब ₹110 में उपलब्ध हैं, जो पहले ₹60 और ₹34 थे। जियोस्टार ने 83 चैनल पैक पेश किए हैं, जिनमें 134 चैनल शामिल हैं, जैसे कि SD, HD, और FTA विकल्प, साथ ही रीजनल भाषा के बुके। लोकप्रिय चैनल जैसे स्टार प्लस और कलर्स हिंदी अभी भी ₹19 प्रति चैनल (à la carte) पर उपलब्ध हैं, जबकि स्टार भारत ₹12 से ₹15 और स्टार प्लस HD ₹22 से ₹25 तक बढ़ गए हैं। वहीं, कुछ कीमतें कम भी हुईं, जैसे कि कलर्स सिनेप्लेक्स, जो ₹19 से ₹15 पर आ गया।

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI, अब Culver Max) ने भी अपनी कीमतों में बदलाव किया है, जिसमें बुके की कीमतें 12% तक बढ़ गई हैं। जी का ऑल-इन-वन हिंदी SD पैक अब ₹53 में उपलब्ध है, जो पहले ₹47 था, जबकि SPNI का हैप्पी इंडिया स्मार्ट हिंदी पैक ₹48 से बढ़कर ₹54 हो गया। à la carte मूल्य निर्धारण में प्रमुख बदलावों में सोनी पल की कीमत ₹0.50 से ₹1 तक दोगुनी हो गई, जबकि ज़ी कैफे ₹10 से घटकर ₹3 पर आ गया।

ये मूल्य वृद्धि TRAI के NTO 3.0 के कारण हुई है, जिसने बुके में अधिकतम चैनल कीमतों को ₹19 तक बढ़ाने की अनुमति दी। हालांकि, TRAI ने आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जून 2024 तक और मूल्य वृद्धि स्थगित कर दी है।

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रजत शर्मा ने अपने लाइव शो से दूर रहने की वजह बताई, अगले हफ्ते से करेंगे वापसी

'इंडिया टीवी' के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा पिछले कुछ दिनों से अपने लाइव शो से दूर हैं, जिसके चलते कई शुभचिंतक परेशान हैं और उनसे दूर रहने की वजह जानना चाहते हैं।

Last Modified:
Wednesday, 08 January, 2025
RajatSharma75977

'इंडिया टीवी' के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा पिछले कुछ दिनों से अपने लाइव शो से दूर हैं, जिसके चलते कई शुभचिंतक परेशान हैं और उनसे दूर रहने की वजह जानना चाहते हैं। लिहाजा अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने अपने लाइव शो से ब्रेक लेने की वजह साझा की है। अपनी लोकप्रिय शोज 'आपकी अदालत' और 'आज की बात, रजत शर्मा के साथ' में लगातार नजर आने वाले रजत शर्मा ने बताया कि वह कुछ समय से इन शोज का हिस्सा क्यों नहीं बन पा रहे हैं।

रजत शर्मा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि उनकी हाल ही में एक छोटी सी आई सर्जरी हुई है। उन्होंने लिखा, "मुझे अच्छा लगा बहुत से लोगों ने चिंता जाहिर की। पूछा कि मैं कई दिन से लाइव शो क्यों नहीं कर रहा। परेशान होने की कोई बात नहीं है। मेरी एक छोटी सी आई सर्जरी हुई है। पोस्ट केयर की जरूरत है। डॉक्टर्स ने कुछ दिनों के लिये स्टूडियो लाइट्स से दूर रहने को कहा है।"

उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा, "वैसे सब ठीक-ठाक है। अब आपसे अगले हफ्ते मुलाकात होगी, इस ब्रेक के बाद। हैदराबाद का द एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट (LVPEI) कमाल का हॉस्पिटल है।" उन्होंने डॉक्टर जीसी चंद्रशेखर और डॉक्टर सिरिषा सेंथिल का धन्यवाद करते हुए उनकी सराहना की।

रजत शर्मा के इस ट्वीट के बाद उनके फैंस और दर्शकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। यह स्पष्ट है कि ब्रेक सिर्फ अस्थायी है और वह जल्द ही अपने दर्शकों के सामने फिर से अपने लोकप्रिय शोज लेकर लौटेंगे।

'आपकी अदालत' और 'आज की बात, रजत शर्मा के साथ' जैसे शो के जरिए रजत शर्मा ने भारतीय पत्रकारिता में एक अनोखी पहचान बनाई है। दर्शकों और शुभचिंतको को अब बेसब्री से उनके लौटने का इंतजार है।

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'एनडीटीवी कॉन्‍क्‍लेव' में बोले असीम अरुण, महाकुंभ आर्थिक मंथन का अवसर

असीम अरुण ने कहा कि 2019 का कुंभ अपने आप में अलौकिक था। पीएम मोदी और सीएम योगी ने कुंभ में हर पॉकेट के हिसाब से व्यवस्था दी है। 500 रुपए कमाने वाला भी कुंभ जा सकता है।

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Wednesday, 08 January, 2025
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यूपी के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने देश के बड़े आयोजन 'महाकुंभ' पर 'एनडीटीवी कॉन्‍क्‍लेव' में अपनी राय रखी। उन्होंने महाकुंभ में रोजगार पर कहा कि योगी सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि कोई भी आम इंसान अपने परिवार संग आसानी से संगम पहुंच और स्नान कर सकता है।

ये योगी सरकार के मौलिक काम की वजह से संभव हो पाया है। इसके आर्थिक आयाम भी काफी अहम हैं। महाकुंभ के भव्य और डिजिटल के बहाने रोजगार सृजन की बात और इससे चुनाव पर कितना फर्क पड़ेगा, इस पर असीम अरुण ने कहा कि 2019 का कुंभ अपने आप में अलौकिक था।

पीएम मोदी और सीएम योगी ने कुंभ में हर पॉकेट के हिसाब से व्यवस्था दी है। 500 रुपए कमाने वाला भी कुंभ जा सकता है और ग्लैमरस टेंट की सुविधा भी ली जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार सीधे साढ़े छह हजार करोड़ रुपए इस पर खर्च कर रही है।

यह खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट पर किया जा रहा है। कुंभ को लेकर CIA की 2019 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1.2 लाख करोड़ का रेवेन्यू जनरेट हुआ। अभी डेढ़-दो लाख करोड़ के आसपास रेवेन्यू जनरेट होने की उम्मीद जताई जा ही है। कुंभ अपने आप में आर्थिक मंथन का भी अवसर होता है।

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महंगा होने वाला है टीवी देखना; जियोस्टार, ZEE व सोनी ने बढ़ाईं चैनल बुके की कीमतें

प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स ने अपने संशोधित रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर्स (RIOs) जारी कर दिए हैं, जिनमें चैनलों की कीमतों में मिश्रित रुझान देखा गया है।

Last Modified:
Tuesday, 07 January, 2025
TV Channels

प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स ने अपने संशोधित रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर्स (RIOs) जारी कर दिए हैं, जिनमें चैनलों की कीमतों में मिश्रित रुझान देखा गया है। कुछ चैनलों की दरों में वृद्धि हुई है, जबकि कुछ की कीमतें स्थिर रही हैं या कम कर दी गई हैं।

जियोस्टार ने चैनल बुके रेट्स के मामले में सबसे महंगे ब्रॉडकास्टर के रूप में उभरते हुए कीमतों में करीब 18% की वृद्धि की है। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI, अब कल्वर मैक्स) ने भी अपने बुके की कीमतों में लगभग 12% की बढ़ोतरी की है।

जियोस्टार के स्टार वैल्यू पैक (SVP) हिंदी और SVP हिंदी बेसिक पैक की कीमतें अब ₹110 प्रति पैक हैं, जो पहले के स्टार इंडिया और वायकॉम18 के व्यक्तिगत हिंदी बेस पैक की संयुक्त कीमतों ₹60 और ₹34 से 18% अधिक हैं। ये बुके जनरल एंटरटेनमेंट, मूवीज, इंफोटेनमेंट, किड्स और स्पोर्ट्स जैसी विभिन्न कैटेगरीज के चैनल्स को शामिल करती हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज और डिज़्नी स्टार के विलय से बनी जियोस्टार ने 134 चैनलों के साथ 83 चैनल पैक पेश किए हैं, जिनमें 85 स्टैंडर्ड डेफिनिशन (SD), 44 हाई डेफिनिशन (HD), और 5 फ्री-टू-एयर (FTA) चैनल शामिल हैं। इसके अलावा, लाइनअप में नेटवर्क18 के 19 न्यूज चैनल भी शामिल हैं। क्षेत्रीय भाषाओं जैसे मराठी, गुजराती, बंगाली, उड़िया, कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम के लिए भी बुके उपलब्ध हैं। सबसे महंगे पैक SPP मराठी लाइट हिंदी HD और SPP बंगाली लाइट हिंदी HD हैं, जिनकी कीमत ₹240 प्रति पैक है।

आला-कार्टे कीमतों में, जियोस्टार के लोकप्रिय चैनल जैसे स्टार प्लस, स्टार गोल्ड और कलर्स हिंदी ने ₹19 की कीमत बनाए रखी है। कलर्स मराठी की कीमत ₹15 पर स्थिर रही, जबकि स्टार भारत की कीमत ₹12 से बढ़कर ₹15 हो गई, और स्टार प्लस HD की कीमत ₹22 से बढ़कर ₹25 हो गई। वहीं, कुछ चैनलों की कीमतों में गिरावट हुई, जैसे कलर्स सिनेप्लेक्स की कीमत ₹19 से घटकर ₹15 और स्टार उत्सव की कीमत ₹0.50 से घटकर ₹0.10 हो गई।

ZEEL और SPNI ने भी अपने ऑफर्स में बदलाव किए हैं। SPNI के हैप्पी इंडिया स्मार्ट हिंदी पैक की कीमत ₹48 से बढ़कर ₹54 हो गई, और ज़ी के ऑल-इन-वन हिंदी SD पैक की कीमत ₹47 से बढ़कर ₹53 हो गई, जिसमें अंग्रेजी एंटरटेनमेंट चैनल ज़ी कैफे को जोड़ा गया। SPNI अप्रैल में एक नया मूवी चैनल, सोनी मैक्स 1, लॉन्च करने की योजना बना रहा है।

आला-कार्टे SPNI कीमतों में, सोनी पाल और सोनी मैक्स 2 जैसे चैनलों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, ₹0.50 से ₹1 और ₹1 से ₹2 हो गई हैं। सोनी स्पोर्ट्स TEN 4 की कीमत ₹17 से बढ़कर ₹19 हो गई। ज़ी के लिए, &TV की कीमत में 66% की वृद्धि हुई, ₹6 से बढ़कर ₹10 हो गई, जबकि ज़ी कैफे की कीमत में 70% की कमी हुई, ₹10 से घटकर ₹3 हो गई।

जनवरी 2023 में, नेटवर्क18 और ZEEL ने संशोधित RIOs पेश किए, जो 1 फरवरी से प्रभावी हुए। इंडिया कास्ट, नेटवर्क18 के डिस्ट्रीब्यूशन विभाग ने 25 से अधिक बुके बंद कर दिए, जैसे कलर्स वाला हिंदी बजट और बजट प्लस (₹25 प्रत्येक) और कलर्स वाला हिंदी वैल्यू (₹28)। इनकी जगह नए विकल्प पेश किए गए, जैसे कलर्स वाला हिंदी वैल्यू (₹34), कलर्स वाला हिंदी वैल्यू प्लस स्पोर्ट्स (₹45), और कलर्स वाला मराठी वैल्यू (₹40)।

जी ने चैनलों जैसे 'जी सिनेमालु' और 'जी पिच्चर' की आला-कार्टे कीमतों को भी अपडेट किया, जो प्रसारण मूल्य निर्धारण परिदृश्य में व्यापक रुझानों को दर्शाता है।

यह मूल्य संशोधन भारत की ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री की बदलती गतिशीलता को दर्शाता है, जिसमें उपभोक्ता लोकप्रिय पैकेजों के लिए सब्सक्रिप्शन लागत में उल्लेखनीय बदलाव का सामना कर रहे हैं।

ब्रॉडकास्टर्स और केबल ऑपरेटर्स के बीच टीवी चैनलों की कीमतों में वृद्धि TRAI के नए टैरिफ ऑर्डर या NTO 3.0 के तहत लगातार विवाद का विषय बनी रही है। यह आदेश 2023 में लागू हुआ, जिसने ब्रॉडकास्टर्स को बुके में शामिल चैनलों की कीमत ₹12 से बढ़ाकर ₹19 करने की अनुमति दी।

केबल ऑपरेटर, जो कीमतों में वृद्धि का लगातार विरोध कर रहे हैं, ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी से मुलाकात की और कीमतों में वृद्धि को लेकर अपनी चिंताओं पर चर्चा की। TRAI ने लोकसभा चुनावों के दौरान ब्रॉडकास्टर्स और केबल ऑपरेटर्स के बीच किसी भी विवाद से बचने के लिए जून 2024 तक टीवी चैनलों की कीमतों में बढ़ोतरी को रोक दिया।

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'जियोस्टार' ने लॉन्च किया नया RIO, चैनल बुके की कीमतों का हुआ खुलासा

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और डिज्नी स्टार (Disney Star) के नए जॉइंट वेंचर 'जियोस्टार' (JioStar) ने अपना अपडेटेड रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) जारी किया है।

Last Modified:
Monday, 06 January, 2025
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रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और डिज्नी स्टार (Disney Star) के नए जॉइंट वेंचर 'जियोस्टार' (JioStar) ने अपना अपडेटेड रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) जारी किया है। इस ब्रॉडकास्टर ने 83 चैनल पैक्स पेश किए हैं, जिसमें कुल 134 चैनल्स शामिल हैं। इनमें से 85 स्टैंडर्ड डेफिनिशन (SD), 44 हाई डेफिनिशन (HD) और 5 फ्री-टू-एयर (FTA) चैनल्स के विकल्प शामिल हैं।

JioStar द्वारा घोषित पैकेज में Network18 के 19 न्यूज चैनल शामिल हैं।

RIO के अनुसार, 'जियोस्टार' (JioStar) का स्टार वैल्यू पैक (SVP) हिंदी और SVP हिंदी बेसिक पैक (SD चैनलों के लिए) का मूल्य ₹110 प्रति पैक रखा गया है। इन बुके में जनरल एंटरटेनमेंट, मूवी, इंफोटेनमेंट, किड्स और स्पोर्ट्स जैसे विभिन्न जॉनर के चैनल शामिल हैं।

इसके अलावा, क्षेत्रीय भाषाओं जैसे मराठी, गुजराती, बांग्ला, उड़िया, कन्नड़, तेलुगू, तमिल और मलयालम के लिए भी विशेष पैकेज तैयार किए गए हैं।

सबसे महंगे पैक SPP मराठी लाइट हिंदी HD और SPP बांग्ला लाइट हिंदी HD हैं, जिनकी कीमत ₹240 प्रति पैक है।

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (कल्वर मैक्स) और जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने भी अपने चैनलों की कीमतें घोषित कर दी हैं, जो 1 फरवरी, 2025 से लागू होंगी।

नए RIO के अनुसार, SPNI के सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (SET), सोनी मैक्स 2 और इसके पांच स्पोर्ट्स चैनल्स की कीमत ₹19 प्रति चैनल है। SPNI इस साल अप्रैल में एक और मूवी चैनल 'सोनी मैक्स 1' भी लॉन्च कर रहा है।  

SPNI का हैप्पी इंडिया स्मार्ट हिंदी पैक की कीमत अब ₹48 से बढ़कर ₹54 हो गई है। इसी तरह, Zee का ऑल इन वन पैक हिंदी SD, जिसमें अब इंग्लिश एंटरटेनमेंट चैनल Zee Café भी शामिल है, की कीमत ₹47 से बढ़कर ₹53 हो गई है।

इंडस्ट्री से जुड़े एक एक्सपर्ट के अनुसार, DPOs (डिस्ट्रिब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स) इन कीमतों का अध्ययन कर रहे हैं और जल्द ही अपने सुझाव साझा करेंगे।

JioStar प्रमुख क्रिकेट आयोजनों, जैसे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) द्वारा आयोजित टूर्नामेंट्स के प्रसारण अधिकार रखता है।

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भारत के पे-डीटीएच सेक्टर में गिरावट, ग्राहकों की संख्या हुई कम

यह आंकड़ा दूरदर्शन द्वारा प्रदान की जाने वाली मुफ्त डीटीएच सेवा डीडी फ्री डिश का उपयोग करने वाले सब्सक्राइबर्स को छोड़कर है।

Last Modified:
Saturday, 04 January, 2025
DTH478578

भारत के पे-डीटीएच सेक्टर ने अपने एक्टिव सब्सक्राइबर बेस (सक्रिय ग्राहकों की संख्या) में गिरावट दर्ज की है, जो जून 2024 में 62.17 मिलियन से घटकर सितंबर 2024 में 59.91 मिलियन रह गया है। यह जानकारी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में दी गई।

यह आंकड़ा दूरदर्शन द्वारा प्रदान की जाने वाली मुफ्त डीटीएच सेवा डीडी फ्री डिश का उपयोग करने वाले सब्सक्राइबर्स को छोड़कर है। यह बदलाव भारत में टेलीविजन उपभोग के बदलते रुझानों को दर्शाता है।

TRAI की टेलीकॉम सर्विसेज परफॉर्मेंस इंडिकेटर रिपोर्ट में कहा गया, “पे डीटीएच का कुल एक्टिव सब्सक्राइबर बेस लगभग 59.91 मिलियन है। इसमें डीडी फ्री डिश के सब्सक्राइबर्स शामिल नहीं हैं। कुल एक्टिव सब्सक्राइबर बेस जून 2024 के 62.17 मिलियन से घटकर सितंबर 2024 में 59.91 मिलियन हो गया है।''

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 में समाप्त तिमाही में कुल पे डीटीएच सब्सक्राइबर बेस 64.18 मिलियन था। इसके बाद से इसमें हर तिमाही गिरावट देखी गई है। हालांकि, मार्च 2024 से जून 2024 के बीच यह आंकड़ा दो लाख सब्सक्राइबर्स की मामूली बढ़त के साथ बढ़ा था।

वर्तमान में देश में चार प्रमुख पे डीटीएच प्रोवाइडर्स हैं- डिश टीवी, टाटा प्ले, भारती टेलीमीडिया और सन डायरेक्ट। डीडी फ्री डिश प्रसार भारती की निःशुल्क डीटीएच सेवा है। TRAI के अनुसार, बाजार में टाटा प्ले की हिस्सेदारी 31.99%, भारती टेलीमीडिया की 29.38%, डिश टीवी की 19.53% और सन डायरेक्ट की 19.10% है।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर 912 निजी सैटेलाइट टीवी चैनल्स को सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा केवल अपलिंकिंग/केवल डाउनलिंकिंग/दोनों के लिए अनुमति दी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया, “3 मार्च 2017 के टैरिफ आदेश के तहत प्रसारकों द्वारा की गई रिपोर्टिंग के अनुसार, भारत में डाउनलिंकिंग के लिए उपलब्ध 902 स्वीकृत सैटेलाइट टीवी चैनलों में से 30 सितंबर 2024 तक 362 पे टीवी चैनल हैं। इनमें 258 एसडी सैटेलाइट पे टीवी चैनल और 104 एचडी सैटेलाइट पे टीवी चैनल शामिल हैं। वहीं, 540 फ्री-टू-एयर (एफटीए) चैनल हैं।”

362 सैटेलाइट पे टीवी चैनलों में से 205 चैनल शीर्ष पांच प्रसारकों के हैं – स्टार इंडिया (64 चैनल), जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (49), वायाकॉम 18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (39), सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड (31) और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (22)।

इसके अलावा, यह भी बताया गया कि डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (DAS) के माध्यम से केबल टीवी सेवाएं प्रदान करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा स्थायी पंजीकरण (10 साल) प्राप्त मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) की संख्या जून 2024 में 880 से घटकर सितंबर 2024 में 845 हो गई।

एमएसओ में, सितंबर 2024 तक GTPL हैथवे ने 89.74 लाख सब्सक्राइबर्स के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, इसके बाद हैथवे डिजिटल के 51.74 लाख और सिटी नेटवर्क्स के 48.10 लाख सब्सक्राइबर बेस रहे। 

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नए साल पर पत्रकार अनिल कुमार वर्मा ने किया नई पारी का आगाज

अनिल कुमार वर्मा इससे पहले करीब दो साल से ‘न्यूज नेशन’ (News Nation) में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जहां से उन्होंने कुछ समय पूर्व इस्तीफा दे दिया था।

Last Modified:
Friday, 03 January, 2025
Anil Verma

पत्रकार अनिल कुमार वर्मा ने नए साल पर नई पारी का आगाज किया है। उन्होंने ‘जी न्यूज’ (Zee News) में डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर जॉइन किया है। ‘जी मीडिया’ के साथ उनकी यह तीसरी पारी है।

अनिल कुमार वर्मा इससे पहले करीब दो साल से ‘न्यूज नेशन’ (News Nation) में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जहां से उन्होंने कुछ समय पूर्व इस्तीफा दे दिया था।

मूल रूप से अंबेडकर नगर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले अनिल कुमार को मीडिया में काम करने का करीब 21 साल का अनुभव है। मीडिया के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने वर्ष 2003 में ‘ईटीवी’ (ETV) से की थी।

इसके साथ ही वह ‘वॉइस ऑफ इंडिया’, ‘न्यूज24’ और ‘इंडिया न्यूज’ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। समाचार4मीडिया की ओर से अनिल कुमार वर्मा को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।   

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2022 से 2024 के बीच दूरदर्शन के चैनल्स देखने वाले दर्शक हुए कम

दूरदर्शन (डीडी) के चैनल्स देखने वाले दर्शकों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

Last Modified:
Friday, 03 January, 2025
Doordarshan

दूरदर्शन (डीडी) के चैनल्स देखने वाले दर्शकों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 2024 (सितंबर तक) में यह संख्या 656.4 मिलियन पर आ गई, जो 2022 में 724 मिलियन थी। यह आंकड़े एक संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में सामने आए हैं।

दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने और ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए उठाए गए कई इनिशिएटिव्स के बावजूद, भारत के सार्वजनिक प्रसारक को अपने खोए हुए दर्शकों को वापस पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

2021 में दूरदर्शन की दर्शक संख्या 680 मिलियन थी, जो 2022 में बढ़कर 724 मिलियन हो गई। हालांकि, 2024 में इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

18 दिसंबर, 2024 को जारी 'संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी' पर संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में खुलासा किए गए डेटा में न केवल दूरदर्शन की दर्शकों की संख्या में गिरावट बल्कि प्रसारक के भीतर रिक्त पदों में तेज वृद्धि को भी दर्शाया गया है।

संसदीय रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 23 में रिक्त पदों की संख्या 12,420 से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 13,708 हो गई, जो नेटवर्क को पुनर्जीवित करने के प्रयासों के बीच स्टाफिंग चुनौतियों को रेखांकित करता है।  

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि दूरदर्शन के पास 35 सैटेलाइट टीवी चैनल (7 अखिल भारतीय चैनल और 28 क्षेत्रीय/राज्य चैनल) हैं।

मंत्रालय ने कहा, "डीडी ने प्रोग्रामिंग परिदृश्य को जीवंत करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए हैं। इन प्रयासों में दर्शकों के अनुभव को समृद्ध करने और प्रसारण क्षेत्र में चैनल की स्थिति को ऊपर उठाने के उद्देश्य से कई पहल शामिल हैं।" 

2022 में, प्रसार भारती ने (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के अनुसार) बताया कि 2022 के लिए सब्सक्राइब किए गए दूरदर्शन (डीडी) चैनलों का दर्शक डेटा 724.3 मिलियन था। 2021 में, दर्शकों की संख्या 680 मिलियन से अधिक थी।

संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि आकाशवाणी (आल इंडिया रेडियो) में रिक्त पदों की संख्या 13,966 (वित्त वर्ष 23 में) से बढ़कर 15,864 (वित्त वर्ष 24 में) हो गई है। वहीं, डीडी में रिक्त पदों की संख्या 12,420 (वित्त वर्ष 23 में) से बढ़कर 13,708 (वित्त वर्ष 24 में) हो गई है। डीडी का स्वीकृत स्टाफिंग स्ट्रेंथ 19,662 है, लेकिन वर्तमान में केवल 5,954 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। 

 

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ABP News ने 'न्यूजमेकर ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स' से मनाया समाज के नायकों की सफलता का जश्न

यह जानने के लिए कि इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों को किसने अपने नाम किया, इस रविवार यानी 29 दिसंबर 2024 को शाम 6 से 7 बजे के बीच एबीपी न्यूज पर इस कार्यक्रम का खास प्रसारण किया जाएगा।

Last Modified:
Friday, 27 December, 2024
Changemaker Award

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) ने हाल ही में नई दिल्ली में ‘न्यूजमेकर ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स’ का आयोजन किया। यह इस कार्यक्रम का पहला एडिशन था। इसके तहत समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली शख्सियतों को सम्मानित किया गया।

उन व्यक्तित्वों को सम्मानित करने के लिए यह खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिन्होंने न केवल सुर्खियां बटोरीं बल्कि अपनी असाधारण उपलब्धियों और योगदानों से समाज पर अमिट छाप छोड़ी है।

इन अवॉर्ड्स का उद्देश्य बिजनेस, स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट, शिक्षा, सामाजिक सुधार, स्वास्थ्य, तकनीक, पर्यावरण, कला और संस्कृति के साथ-साथ डिजिटल क्षेत्र की प्रभावशाली आवाजों को सम्मानित करने के साथ ही प्रगति और प्रेरणा की भावना को दर्शाना है।

इस खास आयोजन में कई प्रमुख अतिथियों ने शिरकत की, जिनमें भारत के संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री (शिक्षा, महिला और बाल विकास) स्मृति ईरानी शामिल थीं।

एबीपी न्यूज के मुख्य सिद्धांत ‘आपको रखे आगे’ के अनुरूप इस कार्यक्रम में इन लोगों की उन प्रभावशाली स्टोरीज को सबके सामने लाया गया जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनीं, जिन्होंने जनचर्चा को नया रूप दिया और सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरित किया।

यह जानने के लिए कि इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों को किसने अपने नाम किया, इस रविवार यानी 29 दिसंबर 2024 को शाम 6 से 7 बजे के बीच एबीपी न्यूज पर इस कार्यक्रम का खास प्रसारण किया जाएगा।

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India Today ग्रुप में सिद्धार्थ जराबी का ‘कद’ बढ़ा, अब मिली यह जिम्मेदारी

जराबी ने वर्ष 2021 में ‘बिजनेस टुडे’ में मैनेजिंग एडिटर के रूप में कार्यभार संभाला था और तब से उन्होंने इस ब्रैंड के एडिटोरियल विजन को मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Last Modified:
Tuesday, 24 December, 2024
Siddharth Zarabi

‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप ने सिद्धार्थ जराबी का 'कद' बढ़ाते हुए उन्हें ‘बिजनेस टुडे’ (Business Today) का एडिटर नियुक्त करने की घोषणा की है।

अपनी नई भूमिका में वह प्रिंट, डिजिटल और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर इस ब्रैंड की संपादकीय की कमान संभालेंगे।

बता दें कि सिद्धार्थ जराबी देश के सबसे प्रसिद्ध पत्रकारों में से एक है, जिन्हें 27  साल से भी ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह ‘ब्लूमबर्ग टीवी‘ (Bloomberg TV India),‘सीएनबीसी टीवी18‘ (CNBC TV18),‘हिंदुस्तान टाइम्स‘ (Hindustan Times),‘द फाइनेंसियल एक्सप्रेस‘ (The Financial Express) और ‘बिजनेस स्टैंडर्ड‘ (Business Standard) में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

जराबी ने वर्ष 2021 में ‘बिजनेस टुडे’ में मैनेजिंग एडिटर के रूप में कार्यभार संभाला था और तब से उन्होंने इस ब्रैंड के एडिटोरियल विजन को मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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